अफगानिस्तान की महिलाएं/तालिबान सरकार के नए नियम

Afghanistan mountains

अफगानिस्तान की महिलाएं

तालिबान की लड़कियों, महिलाओं और बच्चों को अपने भविष्य के बारे में कुछ नहीं पता, उन्हें नहीं पता कि वे जीने के लिए भविष्य में क्या करेंगे

तालिबान ने महिला मंत्रालय का नाम बदलकर सदाचार का प्रचार और आवाज की रोकथाम कर दिया है, इन मंत्रालयों के अनुसार, वहां की महिलाओं पर सख्त शरिया कानून लागू किया जाएगा।

तालिबान सरकार के नए नियम

तालिबान ने महिलाओं पर अत्याचार बंद नहीं किया पिछले 1 महीने में हर दिन महिलाओं के लिए नए कानून बनाए जा रहे हैं जो तालिबान सरकार के अनुसार बने हैं हाल ही में अफगानिस्तान के महिला मंत्रालयों का नाम बदल दिया गया है

तालिबान ने वादा किया था कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा और उनके मानव  अधिकारों का खयाल रखा जाएगा, लेकिन तालिबान अपने इन वादों का धज्जियां उड़ा रहा है महिलाओं के साथ अत्याचार करना कम नहीं हुआ है तालिबान ने अफगानिस्तान की कला और संस्कृति को लगभग नष्ट कर दिया है, कलाकार, धार्मिक गुरु सभी चिंतित हैं लेकिन उनकी बातों को अफगानिस्तान में कोई नहीं सुनता है

1 महीने में अफगानिस्तान कितना बदल गया है?

अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद तालिबान की स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है, रोज नए-नए अजीब ओ गरीब कानून बनाए जा रहे हैं, जैसे तालिबान सरकार की ओर से कोई कानून आया है कि वहां की मस्जिदों में पुरुषों और महिलाओं को आने-जाने का समय अलग होगा एक समय में केवल पुरुष ही मस्जिद के अंदर रह सकते हैं और एक समय में केवल महिलाएं ही मस्जिद के अंदर रह सकती हैं

यदि कोई तालिबान सरकार द्वारा बनाए गए इस कानून के खिलाफ जाता है या इस कानून का पालन नहीं करता है तौ उसे मौत की सजा दी जाती है,

अफगानिस्तान के मशहूर शहर मजार-ए-शरीफ में एक ऐतिहासिक और बेहद पुरानी नीली मस्जिद है, जो काफी मशहूर मस्जिद है, लेकिन तालिबान सरकार के नए कानून के मुताबिक वहां लोग मस्जिदों में जा रहे हैं.

जब वहां के स्थानीय नेता हाजीहकामत से पूछा गया कि ऐसा क्यों किया जा रहा है, संस्कृति से छेड़छाड़ क्यों की जा रहा है, तो उन्होंने कहा, “हम संस्कृति से छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं, हम संस्कृति को बचा रहे हैं।  कई वर्षों से पश्चिमी संस्कृति अफगानिस्तान में अपने पैर पसार रही थी, जिसके कारण यहां के लोग अपनी संस्कृति को भूल चुके थे, इसलिए हम अपने कुरान के हिसाब से कानून बनाए हैं उनका कहना है कि महिलाओं और पुरुषों को ऐसे मिलना कुरान में सही नहीं माना गया है, और हम अपने कुरान के हिसाब से काम कर रहे हैं।

क्या होता है, जब कोई नियम तोड़ता है?

अगर कोई तालिबान सरकार द्वारा बनाए गए इन कानूनों को तोड़ता है, तो उसे सीधे मौत की सजा दी जाती है, चाहे वह महिला हो, बुजुर्ग हो या बच्चा हो, किसी को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

तालिबान के इन अजीबोगरीब कानूनों की वजह से वहां की महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, अगर वहां की महिलाएं नए कानून का पालन नहीं करती हैं तो उनके साथ बदसलूकी की जाती है या उनकी हत्या कर दी जाती है, वहां की महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं, बच्चे  वहां के खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते

अफगानिस्तान के शिक्षा क्षेत्र में नए नियम

तालिबान में कई शिक्षण संस्थान खोले गए हैं,उन संस्थानों पर पर्दा नियम लागू किया गया है लड़के स्क्रीन के एक तरफ बैठते हैं और लड़कियां स्क्रीन के दूसरी तरफ बैठती हैं,और बीच में एक बड़ा सा पर्दा लगाया जाता है लड़का और लड़की दोनों को एक-दूसरे को देखने की सख्त मनाही है।

वहां की लड़कियों को बुर्का के अलावा कोई और कपड़ा पहन कर घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है।


 

 

और भी अपडेट्स जल्दी ही आएंगे… ..

ऐसे और ट्रेंडिंग चीजों के बारे में जानने के लिए हमारे वेबसाइट पर जाएं- ALWAYSTREND.IN

अमेजिंग फैक्ट वीडियोस देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को प्लीज सब्सक्राइब करें-Miss technical fact

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.