दुर्गा और दुर्गा 2 डिफेंस सिस्टम

दुर्गा और दुर्गा 2 डिफेंस सिस्टम

दुर्गा और दुर्गा 2 डिफेंस सिस्टम

आज के समय में हर देश अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है जैसे कोई प्रतियोगिता हो वैसे हर देश एक दूसरे से आगे निकलने के लिए आपस में लड़ते रहते हैं सभी देशों के द्वारा हर दूसरे दिन कोई ना कोई खतरनाक हथियार बनाए जा रहे हैं

अमेरिका और रूस जैसे देश तीसरे विश्व युद्ध हारने के डर से कमाल के हथियार रोजाना बनाते हैं आधुनिक हथियार आज के इस आधुनिक समय में आम सी बात हो गई है ऐसे कई सारे हथियार बने हैं जिस की खासियत सुनकर लोगों की धड़कन ए एक पल के लिए रुक जाती हैं

आने वाले समय में जो देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्मित हथियारों का उत्पादन भारी मात्रा में करता है वह निश्चित तौर पर भविष्य में सबसे ताकतवर देशों के लिस्ट में सबसे ऊपर रहेगा क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिक्योरिटी सिस्टम बेहद ही किफायती सटीक और दोबारा से इस्तेमाल में लाया जाने वाला तकनीक है

इन हथियारों को आराम से आर्मी के जवान एक ऑफिस में बैठकर चला सकते हैं बेहद आसानी से

भारत का एक खुफिया हथियार जो अगर पूरी तरह से बन जाता है तो अच्छे अच्छे बड़े-बड़े देशों के छक्के छूट सकते हैं जी हां भारत का वह हथियार इतना आधुनिक और इतना खतरनाक है की शायद ही कोई हथियार उसका मुकाबला कर पाए एक्सपोर्ट सब का तो कहना है कि अगर समय रहते इसे न्यूक्लियर अटैक के डिफेंस में चलाया जाए तो यह हथियार न्यूक्लियर बम को भी नष्ट कर सकता है वह भी दुश्मन के सीमा के अंदर ही

इस हथियार का नाम दुर्गा डिफेंस सिस्टम है

दुर्गा और दुर्गा 2 डिफेंस सिस्टम

दुर्गा सिस्टम

दुर्गा डिफेंस एंड अटैक सिस्टम को सन 2000 में बनाने का काम शुरू हुआ था इस हथियार का खासियत यह था कि 2.5किलो मीटर के अंदर का किसी भी टारगेट को या डायरेक्ट हिट करता था यह एक लेजर बीम सिस्टम था जो रोशनी के गति से हमला करता था यह अपने टारगेट पर इतनी गर्मी छोड़ता था की वह टारगेट पलक झपकते जलकर राख हो जाती थी

इसको चलाने के लिए 10 किलोवाट बिजली का इस्तेमाल किया गया था

यह प्रोजेक्ट कुछ तकनीकी खराबी के कारण 2008 में बंद कर दिया गया उसके बाद इस हथियार पर भारत की सरकार ने ध्यान नहीं दिया
लेकिन अब कुछ एक्सपोर्ट और जो डिफेंस एंड सिक्योरिटी का अच्छा ज्ञान रखते हैं उन लोगों ने दुर्गा टू सिस्टम के बारे में बताया है की दुर्गा 2 सिस्टम को बनाने का कार्य भारत के DRDO के द्वारा शुरू कर दिया गया है

दुर्गा 2सिस्टम

दुर्गा टू सिस्टम यह एक बेहद ही आधुनिक और खतरनाक हथियार है जो बनने के बाद पूरी ही दुनिया में सबसे एडवांस और सबसे घातक मिलिट्री डिफेंस एंड अटैक सिस्टम होगा मतलब ऐसा सिस्टम जो डिफेंस के लिए भी इस्तेमाल हो और अटैक के लिए भी इस्तेमाल हो

कैसे काम करता है दुर्गा 2 सिस्टम

दुर्गा 2 सिस्टम लेजर बीम टेक्नोलॉजी पर कार्य करता है इससे एक बेहद ही गर्म लेजर बीम निकलता है जो जहां पर भी पड़े उस जगह को 6000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म कर देता है जिसके कारण उस चीज में तुरंत ही आग पकड़ लेती है या वह चीज ब्लास्ट कर जाता हैं यह 200 किलोवाट बिजली का इस्तेमाल करता है एक बार फायर होने के लिए

विशेषताएं दुर्गा टू सिस्टम की

या एक बेहद ही आधुनिक हथियार है जो आने वाले समय में बहुत ही महत्वपूर्ण होगा भारत की सुरक्षा के लिए इस हथियार का खासियत है कि इसमें से निकालने वाला लेजर बीम करीब 300000 किलोमीटर यानी रोशनी की गति से भी तेज निकलती है जो किसी भी निशाने को पलक झपकते ही नेस्तनाबूद कर सकती है

इस सिस्टम को चलाने के लिए 200 किलोवाट बिजली का यूज़ होता है यह सिस्टम रीयूजएबल है

इस हथियार से न्यूक्लियर बम को भी नष्ट किया जा सकता है

दुर्गा और दुर्गा 2 डिफेंस सिस्टम

यह हथियार 2000 किलोमीटर एरिया को कवर कर सकता है बेहद आसानी से

DRDO साइंटिस्ट ओं का दावा है कि यह हथियार अगले 8 साल के अंदर भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा इस मिसाइल की अभी डिजाइनिंग पर काम अभी चल रहा है धीरे धीरे 6 साल के अंदर या खतरनाक अखियां का टेस्टिंग होगा और 8 साल बाद सेना को सौंप दिया जाएगा

उम्मीद करते हैं कि DRDO के साइंटिस्ट ओ को कम मुसीबतों का सामना करना पड़े इस हथियार को बनाने के समय और यह हथियार हम सब की उम्मीदों पर खरा उतरे

और भी अपडेट्स जल्दी ही आएंगे… ..

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