रसिया भारत से मदद की गुहार लगाई

रसिया भारत से मदद की गुहार लगाई

रसिया भारत से मदद की गुहार लगाई

रसिया एक बहुत ही ताकतवर देश है कई सालों तक कई सारे देशों का एक बहुत बड़ा ही समूह था जिसके आगे बड़े बड़े देश घुटने टेक दिए रसिया एक समय पर दुनिया का सबसे ताकतवर देश था लेकिन समय बीतता गया और रशिया की हालत बद से बदतर होती गई

आज के समय में रसिया दुनिया का सबसे ताकतवर देशों की सूची में तो आता है लेकिन आज के समय में रसिया के लोग बेहद ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं

रशिया में गरीबी बहुत ही ज्यादा है रशियन इकोनामी हथियार मार्केट के ऊपर पूरी तरह से निर्भर है रशिया में बेहद आधुनिक हथियार बनते हैं जो पूरी ही दुनिया में समय-समय अपनी काबिलियत साबित करते रहते हैं

दुनिया का सबसे बड़ा एटम बम रशिया के पास ही है जो करीब 4000 किलोग्राम का है कहते हैं की यह बम अमेरिका द्वारा जापान में छोड़े गए दोनों परमाणु बमों से 1400 गुना ज्यादा ताकतवर है इससे साफ जाहिर होता है कि यह एटम बम कितना शक्तिशाली है

खैर, इतने आधुनिक हथियार होने के बावजूद भी रसिया आज भारत के सामने हाथ जोड़कर खड़ा है और मदद की गुहार लगा रहा है जी हां रसिया भारत से मदद की गुहार लगाई है

दरअसल यह सब शुरुआत होता है जब आज से कुछ महीनों पहले अफगानिस्तान में तालिबान के लड़ाके अफगानिस्तान को बेहद ही तेजी से कब्जा कर रहे थे अफगानिस्तान के सैनिकों को मार रहे थे तब भारत ने रूस से कहा था कि तालिबान भारत से ज्यादा पाकिस्तान चाइना और रशिया के लिए खतरनाक साबित होगा

भारत के विदेश मंत्री लगातार रसिया के दौरे पर जा रहे थे रसिया के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से मिलने लेकिन भारत की बातों को रसिया ने अनसुना किया और वह उसके लिए बहुत बड़ी गलती साबित हुआ भारत की बात ना मानने के कारण आज बेहद ही बड़ी संकट में रसिया फर्स्ट चुका है

दरअसल तालिबान के लड़ाके पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा नफरत सिर्फ 2 देशों से करते हैं अमेरिका और रशिया अमेरिका से इसलिए वह नफरत करते हैं क्योंकि अमेरिका ने रसिया के बाद तालिबान को रोकने के लिए 20 साल तक तालिबान के लड़ाकों से जंग लड़ी और रशिया से तालिबान के लड़ाके इसलिए नफरत करते हैं क्योंकि यह सब किया धरा रशिया का ही है रशिया के ही कारण आज अफगानिस्तान में तालिबान जैसे संगठन बने और अफगानिस्तान में इतने सालों से खून की नदियां बह रही हैं सिर्फ और सिर्फ रसिया के कारण

जिसके बाद से तालिबान के आतंकी रशिया में घुसपैठ करके रसिया के बड़े एरिया को हथियाना चाहते हैं और रसिया के दुश्मन देशों के साथ मिलकर रसिया को भारी नुकसान पहुंचाना चाहते हैं

एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया ईरान पाकिस्तान के दिग्गज बड़े बड़े आतंकी संगठनों के आतंकी जो कई सारे युद्धों में भाग ले चुके हैं वह सारे के सारे तालिबान से जुड़े रहे हैं

आखिर क्यों रसिया भारत से मदद की गुहार लगाई ?

दरअसल दोस्त जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रसिया दुनिया में सबसे बड़ा देश है क्षेत्रफल के मामले में रसिया का मुकाबला क्षेत्रफल के हिसाब से कोई नहीं कर सकता

जिसके कारण रसिया की सेना रसिया से सटे हुए जितने भी देश हैं उनकी सीमा पर चौबीसों घंटे पहरा देने के योग्य नहीं है मतलब यूं कहें कि रसिया की सेना एक समय पर अपनी सारी सीमा रेखा पर एक साथ नजर नहीं रख सकता
और‌ तो और,

रसिया के कई सारे ऐसे सीमा है जहां पर कोई भी फेंसिंग दीवाल या फिर कोई भी बैरिकेड नहीं है वहां से लोग आसानी से रशिया में जा सकते हैं वहां पर ना ही कोई सेना है ना ही कोई सिक्योरिटी सिस्टम जिसके कारण किसी को भी रसिया के अंदर जाने के लिए कोई दिक्कत नहीं होती

अब इसी दुविधा में फंस चुका है रसिया दरअसल कुछ दिनों पहले रसिया के अंदर एक कॉलेज में बहुत ही बड़ा आतंकी हमला हुआ जिसमें कई सारे स्टूडेंट्स मारे गए वह दृश्य काफी भयानक था बच्चे तीन तीन मंजिल की ऊंचाई से कूदकर अपनी जान बचा रहे थे इस खाते में चार से पांच दर्जन बच्चों की मौत हो गई

और भी कई सारे छोटे बड़े हमले रसिया के अंदर पिछले कुछ महीनों से हो रहे हैं

जिसके बाद से रसिया अब भारत की बात ना मानकर बेहद अफसोस कर रहा है लेकिन आज 14 अक्टूबर 2021 को रशिया के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन भारत से पूरी दुनिया के सामने से मदद मांगी है

रसिया ने भारत से ही क्यों मदद मांगी?

मनुष्य की मदद सिर्फ ऐसे देश कर सकते हैं आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में अच्छे से पता हो पूरी दुनिया में सिर्फ दो ही ऐसे देश हैं जो आतंकवाद से बेहद ही करीब से लड़े हैं जिन में सबसे ऊपर नाम आता है भारत और अमेरिका का
भारत और अमेरिका दोनों देश ऐसे देश है कि जिन पर हमेशा से आतंकवादियों का हमला होते आया है और बहुत सारी बड़ी-बड़ी आतंकवादी गतिविधियों को भारत और अमेरिका ने नाकाम किया है

रसिया का कट्टर दुश्मन अमेरिका है जिसके कारण अमेरिका से रसिया मदद की कोई उम्मीद नहीं कर रहा है और वह ना ही अमेरिका से मदद मांगेगा जिसके बाद से रसिया के सामने सिर्फ और सिर्फ भारत मदद कर सकता है

जिसके बाद से रशिया के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने इंटरनेशनल मीडिया के थ्रू भारत से मदद मांगी है उन्होंने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत और रसिया एक साथ है और भारत की सुरक्षा एजेंसी रसिया में आकर काम करें रशिया की मदद करें क्योंकि रसिया के अंदर कुछ महीनों से काफी ज्यादा आतंकी हमले हो रहे हैं

इस खबर के बाद पूरी ही दुनिया में रशिया के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के ऊपर कई सारे सवाल उठाए जा रहे हैं जैसे की व्लादीमीर पुतिन को अब जाकर भारत की याद आई भारत कई महीनों से रसिया से कह रहा था कि तालिबान के आतंकी सबसे ज्यादा खतरनाक पाकिस्तान चाइना और रशिया के लिए होंगे लेकिन

यह बात रशिया के राष्ट्रपति को समझ नहीं आई और आज वह इन विकट परिस्थितियों में फस चुके हैं

और भी अपडेट्स जल्दी ही आएंगे… ..

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